नाहर वन्यजीव अभयारण्य, जिला-रेवाड़ी

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नाहर वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के रेवाड़ी जिले में स्थित है। यह अभयारण्य 522 एकड़ के क्षेत्रफल में फैला हुआ है। यह क्षेत्र दुजाना के नवाब का एक पुराना चारागाह है। इस छोटे से क्षेत्र को तीन भागों में बांटा गया है। कोसली-कनिना सड़क 424 एकड़ के क्षेत्र को 331 एकड़ और 93 एकड़ के दो भागों में विभाजित करता है। 98 एकड़ का एक और भाग इस क्षेत्र के उत्तर में स्थित है। यह क्षेत्र 1987 में अभयारण्य के रूप में इसकी घोषणा से पहले आरक्षित वन के रूप में प्रबंधित था।

पहुँच और प्रवेश

अभयारण्य रेवाड़ी से लगभग 40 किमी दूर है, और दिल्ली से झज्जर होते हुए जाने पर 100 किमी। यह कोसली तहसील में निहित है, जो बहुत निकटतम रेलवे स्टेशन भी है, यहां से अभयारण्य केवल 6 किमी है। यहां बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है। कोसली-कनिना सड़क इस अभयारण्य के बीचों बीच गुजरता है। दिल्ली आईएसबीटी और सभी जिला मुख्यालयों यानी रेवाड़ी, रोहतक और महेंद्रगढ़ से डायरेक्ट हरियाणा रोडवेज बसें उपलब्ध हैं।

महत्व

हरियाणा राज्य में जहां प्राकृतिक संसाधन तेजी से दिन ब दिन घट रहे हैं, नाहर वन्यजीव अभयारण्य पिछले कुछ जीवन रक्षक प्राकृतिक आवास में से एक है, विशेष रूप से ब्लैक बक के लिए और सामान्य रूप से अन्य वन्य जीव प्रजातियों के लिए। हरियाणा राज्य में शिक्षा और प्रकृति के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए सीमित क्षेत्रों हैं। यह अभयारण्य इस संबंध में अच्छा अवसर प्रदान करता है।

वर्ष 2012-13 में एक सुरक्षा केंद्र, वन्यजीव अभयारण्य नाहर में निर्माण किया गया था। लगभग 25 एकड़ के एक क्षेत्र में 2.4 मीटर उच्च जीआई वायर नेटिंग की बाढ़ लगाई गई थी। यह तार जाल एक फुट ऊंची ईंट की दीवार के ऊपर लगाई गई थी। ब्लैक बक की एक जोड़ी केंद्र में छोड़ी गई है। निकट भविष्‍य में और भी कई बचाये हुए जीव इस केंद्र में छोड़े जायेंगे।

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