गिद्ध पालन और देखभाल

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गिद्ध पालन और देखभाल

गिद्ध पालन एवं देखभाल संभवतः किसी भी संरक्षण प्रजनन कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण घटक है। सही प्रक्रिया का पालन एक स्वस्थ आबादी को सुनिश्चित करता है।

केन्द्र में गिद्ध पालन और देखभाल के लिए प्राटोकॉल, पक्षियों की बंदी प्रबंधन में विशेषज्ञता के साथ अंतरराष्ट्रीय संगठनों के परामर्श से विकसित किया गया है। हमारे अनुभव और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कई संशोधन किए गए हैं। निम्नलिखित मानकों को गिद्धों के नियमित पालन और देखभाल में शामिल किया जाता है-

पहचान

जब किसी गिद्ध को केंद्र में लाया जाता है, तब एक मजबूत प्लास्टिक की अंगूठी जिस पर एक संख्या खुदी होती है गिद्ध के एक पैर पर पहना दिया जाता है तथा एक माइक्रोचिप को पहचान के लिए उसके स्तन की मांसपेशी में प्रत्यारोपित किया जाता है।

स्वास्थ्य परीक्षण

गिद्धों के लिए विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए किये जाते हैं। संगरोध में गिद्धों का शारीरिक परीक्षण 45 दिनों के संगरोध अवधि के दौरान तीन बार किया जाता है। प्रारंभिक जाँच चोट या फ्रैक्चर के किसी भी लक्षण के लिए किया जाता है। एक वर्ष में एक बार संगरोध अवधि के बाहर, केंद्र में गिद्धों की शारीरिक रूप से जांच की जाती है। दैनिक परीक्षण एक दिन में चार बार किया जाता है। परीक्षण आमतौर पर दूरबीन के माध्यम से या सीसीटीवी मॉनीटर के माध्यम से एक निश्चित दूरी से किया जाता है। इसमें प्रत्येक पक्षी के सामान्य रूप, व्यवहार और गतिविधि का मूल्यांकन भी शामिल है। ये मुख्य मापदण्ड हैं जिनको बीमारी की स्थिति में बदलने की संभावना होती है।

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रुधिर विज्ञान, विकी, जीवित पक्षियों पर बुनियादी सूक्ष्म जीव विज्ञान और मरे हुए गिद्धों पर शव – परीक्षण गिद्धों के स्वास्थ्य की स्थिति का एक संकेत देते हैं। प्रजनन केन्द्र में एक प्रयोगशाला है जो यह सब करने के लिए सुसज्जित है। पोस्टमार्टम परीक्षण एक मानक प्रोटोकॉल का उपयोग करके किया जाता है, जिसमें बाहरी और आंतरिक अंगों का व्यवस्थित द्रश्य परीक्षण भी शामिल है।

गिद्धों का आहार

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गिद्धों को बकरियों का बिना चमड़ी वाला ताजा मांस खिलाया जाता है। प्रत्येंक गिद्ध को उसके शरीर के वजन के आधार पर प्रति सप्ताह 3-4 किलो मांस दिया जाता है, उसके दैनिक भोजन की आवश्यकता को बनाए रखने के लिए उसके शरीर के वजन का 5% मांस दो दिन में बांट दिया जाता है। बकरी के शवों के ऊतकों में कोई डाईक्लोफेनाक नहीं है यह सुनिश्चित करने के लिए, बकरियों के झुंड को वध से पहले कम से कम दस दिनों तक केंद्र की निगरानी में रखा जाता है।

दड़बा का रखरखाव

दड़बा का रखरखाव बंदी गिद्धों के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। दड़बो का दैनिक और वार्षिक रखरखाव नियमित रूप से केंद्र में किया जाता है।

बसेरा

दड़बो में बसेरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। बसेरा अलग ऊंचाई पर असमान सतहों के साथ प्रदान किये जाते हैं। एक मोटी सतह देने के लिए घोंसले के आसपास नारियल की रस्सी का घेराव किया गया है। यह पैर की समस्याओं से बचाता है जो बंदी शिकारी पक्षियों में आम हैं।

पानी

जल दड़बो के अंदर पुख्ता नली में प्रदान किया जाता हैं। चार जल नली प्रदान की जाती हैं। नली को बाहर से सप्ताह में एक बार साफ किया जाता है तथा हर दिन पानी को नली में पूरा भरा जाता है।