जानवर और पक्षियों का अभिग्रहण
हरियाणा के चिड़ियाघरों व हिरण उद्यानों में पशु और पक्षियों की गोद लेने के लिए निमंत्रण
क्यों जंगली जानवरों और पक्षियों को अपनायें?
पशु और पक्षियों अभिग्रहण की आवश्यकता
हरियाणा के चिड़ियाघर और डीयर पार्क
अभिग्रहण की प्रक्रिया
एक पशु को गोद लेने का विशेषाधिकार
पशु और पक्षी के अभिग्रहण के लिए दरें
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क्यों जंगली जानवरों और पक्षियों को अपनायें?         
एक शानदार शेर की दहाड़, एक हिरण की उछाल, लाल जंगली मुर्गी की बान, एक बुलबुल का मधुर गीत, एक मोर का सुंदर नृत्य, पक्षियों की चहचहाहट: ये सभी दृश्य 'अद्भुत भारत' के लिए सामान्य् थे। हालांकि, निवास की कमी और गिरावट तथा वन्य जीवों के अवैध शिकार की वजह से कई जानवर और पक्षियों के अस्तित्व खतरे में पड़ गये हैं या तो पड़ने की संभावना है। उनमें से कुछ तो विलुप्त भी हो गए हैं। जंगली जानवर और पक्षी भारतीय संस्कृति और परंपराओं के अभिन्न अंग हैं। लोग उन्हे देवी देवताओं के साथ जोड़कर देखते रहे हैं। यदि निवास की कमी और गिरावट की वर्तमान दर इसी तरह से जारी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब ये जानवर और पक्षी हमेशा के लिए विलुप्त हो जायेंगे और उनकी तस्वीरें ही हमारे साथ रह जायेंगी।

वन्यजीव मानव कल्याण के लिए आवश्यक है। हम उनके बिना नहीं रह सकते हैं। इसलिए, वन्य जीवों की हर कीमत पर रक्षा की जानी है। सरकार का प्रयास ही इसके लिए पर्याप्त नहीं है और यह भारत के सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है कि इस अद्वितीय प्राकृतिक धरोहर की रक्षा और संरक्षण की दिशा में योगदान करें। अभी इस बात की सबसे अधिक आवश्यकता है कि जनता में जागरूकता पैदा करके जंगली जानवरों और पक्षियों के प्रति प्रेम और लगाव पैदा किया जाये। इसके लिए एक रास्ता यह है कि पशु / पक्षी को गोद लेकर भारत के इस विरासत और प्रकृति के इस अनूठे उपहार की रक्षा करने के नेक कार्य में योगदान दें।
    
        कैप्टन अजय सिंह यादव, माननीय बिजली, वन एवं पर्यावरण मंत्री, एक वर्ष के लिए पिपली चिड़ियाघर में एक ब्लैक बक को अपनाने वाले हरियाणा के पहले व्यक्ति हैं।

 पशु और पक्षियों को गोद लेने की आवश्यकता          
         हरियाणा वन विभाग ने जानवरों और पक्षियों के प्रति प्रेम उत्पन्न करने के लिए राज्य के चिड़ियाघरों और हिरण पार्क में जानवरों और पक्षियों को गोद लेने के लिए एक योजना शुरू की है। यह महान योजना जो बिजली, वन एवं पर्यावरण मंत्री के सोच का परिणाम है हरियाणा में 07.01.2011 को शुरू हो चुकी है। इस जानवर को गोद लेने की योजना जंगली जानवरों के प्रति आपके लगाव, चिंता और प्यार को प्रदर्शित करेगा। जानवर गोद लेने के प्रति आपका छोटा सा कदम वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़े पैमाने पर मदद करेगा। कोई भी व्यक्ति प्रति माह / प्रतिवर्ष के लिए चारा उपलब्ध कराने के माध्यम से जानवरों को गोद लेकर वन्यजीव संरक्षण में कई गुना योगदान कर सकता है। पशु गोद लेने की योजना निश्चित रूप से संरक्षण परियोजनाओं को चलाने में मदद करेगी जो विभिन्न चिड़ियाघरों में विशेष रूप से लुप्तप्राय प्रजातियों के कैप्टिव प्रजनन कार्यक्रम में शामिल है।

         समाज के किसी भी व्यक्ति द्वारा पशुओं को गोद लेना न केवल वन्यर जीवों के संरक्षण के लिए उसके प्रेम या लगाव को ही नहीं दिखाता बल्कि यह दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।

         जन्मदिन और वर्षगाँठ आदि जैसे औपचारिक अवसरों पर जानवरों को गोद लेना वन्यजीव संरक्षण की दिशा मे मानव जाति के लिए अनूठा उपहार साबित होगा।

         जानवर गोद लेने के प्रति उत्सुकता, समाज द्वारा अत्यधिक सराहनीय और स्वीकारणीय होगी। माननीय मंत्री बिजली, वन एवं पर्यावरण, मिनी चिडि़याघर पिपली में 22,500 की राशि का भुगतान करके 07.01.2011 को एक ‘ब्लैक बक’ को पहले ही अपना चुके हैं।

 हरियाणा के चिडि़याघर और हिरण पार्क             
         हरियाणा में तीन मिनी चिड़ियाघर हैं पिपली (कुरुक्षेत्र), रोहतक और भिवानी तथा हिसार जिले में धांसु सड़क पर एक हिरण पार्क भी स्थित है। वन्य जीवों की आदतों और उनके निवास स्थान के बारे में जनता को विशेष रूप से स्कूली बच्चों और किसानों को शिक्षित करने के लिए उपरोक्त सभी चिड़ियाघरों और हिरण पार्क में जंगली जानवर और पक्षियां उपलब्ध हैं।

पिपली मिनी चिडि़याघर
        यह चिड़ियाघर कुरुक्षेत्र शहर के आसपास के क्षेत्र में चंडीगढ़ से नई दिल्ली के लिए आने वाली ग्रांड ट्रंक सड़क पर स्थित है। यह चिड़ियाघर 1982 के दौरान स्थापित किया गया था और 27 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। निम्नलिखित जानवरों को इस चिड़ियाघर में रखा गया है: - बाघ 1, कृष्णममृग 10, बोनट बंदर 5, चित्तीदार हिरण 1, हॉग डीयर 1, सामान्यं लंगूर 2, गिनी मुर्गी 4, बार्किंग हिरण 2, चांदी तीतर 2, फैनटेल कबूतर 55, कॉकटेल 6 ।

रोहतक मिनी चिडि़याघर
        रोहतक चिड़ियाघर 1986 के दौरान शुरू किया गया था जो शहर के बीचों बीच स्थित है और 44 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। निम्नलिखित जानवरों को इस चिड़ियाघर में रखा गया है:

        बाघ -2, तेंदुआ -2, कृष्णेमृग -4, नील बैल -1, सामान्यण लंगूर -2, मगरमच्छ -5, रेड मुनिया -1, गुलाबी बतख -2, तोता -2, श्वेनत उल्लू -5, आइबिस -3, पशु -33, रजत तीतर 2, कॉकटिल -8, जावा गौरैया -6, लव बर्ड 3, सियार -1, जापानी बटेर-18, गिनी मुर्गी-1 ।

भिवानी मिनी चिड़ियाघर
        भिवानी शहर में स्थित यह चिड़ियाघर 7 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है तथा 1982 में स्था1पित किया गया था। निम्नीलिखित जानवरों को इस चिड़ियाघर में रखा गया है –

        मगरमच्छ -24, कृष्ण0मृग -2, सांभर-4, चिंकारा -2, लाल जंगली मुर्गी -2, सफेद उल्लू -4, घड़ियाल -2, चांदी तीतर 1, कॉकटिल -10, लव बर्ड 20, जावा गौरैया -18 , पशु -160, दरियाई घोड़ा -4, रेगिस्ता-नी लोमड़ी -4, बाघ-2, चित्तीदार हिरण 9 ।


हिसार हिरण पार्क
        यह पार्क धांसु सड़क पर स्थित है तथा 42 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, इसे 1970 में स्थापित किया गया था। निम्नरलिखित जानवरों को इस हिरण पार्क में रखा गया है –

कृष्णरमृग -26, चित्तीदार हिरण -19, सांभर -6, नीलगाय
गोद लेने के लिए प्रक्रिया      

निम्नेलिखित के तहत एक को गोद ले सकते हैं:
1.  अपनी पसंद का एक चिड़ियाघर चयन करें।
2. चिड़ियाघर में प्रदर्शित सूची में दिए गए अपने पसंदीदा जानवर का चयन करें।
3. माह / वर्ष के लिए अपना समर्थन चुनें।
4. संलग्न प्रपत्र भरें और संबंधित चिड़ियाघर प्रभारी को देवें।
5. एक अपनाये हुए पशु को आप अपने दोस्तों, माता - पिता, बच्चों या रिश्तेदारों को उपहार दे सकते हैं।
6. यदि आपका पसंदीदा जानवर पहले ही गोद लिया जा चुका है तो आपका नाम प्रतीक्षा सूची में डाल दिया जायेगा और जैसे ही वह जानवर उपलब्धे होता है आपको सूचित कर दिया जायेगा। यह योजना प्रचार के करण दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति गोद लेने के लिए फार्म में आवेदन कर सकते हैं।
यह योजना प्रचार के करण दिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति गोद लेने के लिए फार्म में आवेदन कर सकते हैं।

एक पशु को गोद लेने की विशेषाधिकार

पशु / पक्षी को गोद लेने वाले व्यक्ति को निम्नलिखित विशेषाधिकार दिया जाएगा:
.  जानवर गोद लेने वाले का नाम उपयुक्त रूप से एक बोर्ड पर प्रदर्शित किया जायेगा।
.  गोद लेने वाले व्यक्ति को तथा उसके परिवार या पांच लोगों के लिए चिड़ियाघर में एक साल में 12 बार यात्रा करने के लिए नि:शुल्क प्रवेश पास की अनुमति दी जाएगी।
.  गोद लेने वाले को विभिन्न समारोह के दौरान एक विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।
.  गोद लेने वाले को “अभिग्रहण का प्रमाण पत्र” दिया जाएगा।
.  पूरे एक वर्ष के लिए जानवरों को गोद लेने वाले व्यक्तियों के नाम चिड़ियाघर के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शित किया जाएगा।

हरियाणा में पशु और पक्षियों को गोद की दरें
क्रमांक जानवर का नाम वार्षिक दर मासिक दर
1 बाघ 360000 30000
2 भारतीय लोमड़ी 52000 4500
3 सफेद उल्लू 12000 1000
4 मगरमच्छ 38000 3200
5 घडि़याल 38000 3200
6 दरियाई घोड़ा 141000 12000
7 चीतल 22500 2000
8 सांभर 22500 2000
9 चिंकारा 22500 2000
10 कृष्णमृग 22500 2000
11 काला भालू 50000 4200
12 सिल्वर तीतर 1000 100
13 लाल जंगली मुर्गी 1000 100
14 कॉकटिल 1000 100
15 जावा गौरैया 600 50
16 लव बर्ड 600 50
17 बजरिजर 600 50
18 लंगूर / बंदर / बड़ा बंदर 8500 750
ध्यान दें:
न्यूनतम 10 पक्षियों को गोद लेना पड़ता है।
.  तरूण जानवर जैसे बछड़ा, शावक, चूजों तथा हिरनी के बच्चें को गोद लेने पर उपरोक्त शुल्क राशि आधी हो जाएगी

  गोद लेने के लिए फार्म (देखने या डाउनलोड करने हेतु यहां क्लिक करें)
                                                                                                                                         
हमसे यहां संपर्क करें:
1.   वन संरक्षक (वन्यजीव), पंचकूला, वन भवन, सेक्टर 6,
पंचकूला
दूरभाष- 0172-2583682
2 वन 2 संरक्षक (वन्यजीव), गुड़गांव वन परिसर,
सोहना रोड, गुड़गांव,
दूरभाष- 2300881
3 संभागीय वन्यजीव अधिकारी, पंचकूला मोरनी रोड टी प्वाइंट,
पंचकुला
दूरभाष- 01733-255000
4 मंडल वन्यजीव अधिकारी, रोहतक 
डबल फाटक के पास, रोहतक
दूरभाष- 01262-211231
5 संभागीय वन्यजीव अधिकारी, हिसार मिल गेट,
हिसार
दूरभाष- 01662-269233
6 संभागीय वन्यजीव अधिकारी, राजीव चौक के पास गुड़गांव,
गुड़गाँव
दूरभाष- 024-2222272
7 चिड़ियाघर / डीयर पार्क प्रबंधक पिपली, रोहतक, भिवानी, हिसार।
  मुख्य वन्यजीव वार्डन
वन भवन, सेक्टर -6,
पंचकूला-134109 (हरियाणा)
टेली: 0172-2563977
ईमेल: apccfwl@gmail.com
अंतिम नवीनीकृत:  30/4/2013