हरियाणा में प्राकृतिक पर्यटन गतिविधियां

        हरियाणा का अर्थ है 'भगवान का वास' । यह पहली जगह थी जहां आर्यों का पहला भजन गाया गया था, और सबसे प्राचीन पांडुलिपियां लिखी गयी थीं। राज्य, सदियों पुराने स्मारकों, मंदिरों, बगीचों मेलों और अन्य आकर्षण और साहसिक पर्यटन स्थागनों से भरा पड़ा है।


        हरियाणा एक समृद्ध और विविध जैव विविधता वाला संपन्न राज्ये है जिसमें अलग अलग स्थानों में सुन्दर प्राकृतिक पच्ची्कारी है, पूर्वोत्तर के शिवालिक हिल्स से दक्षिण में अरावली रेंज तक और दक्षिण पश्चिम में यमुना-घग्गर मैदान से अर्द्ध रेगिस्तान के रेतीले मैदान तक।

ये विभिन्न निवास चीड़ के पेड़ों से लेकर कांटेदार पर्णपाती वन तक तथा पौधे और पशु प्रजातियों के कई किस्मों को आश्रय देते हैं। राज्यस में पशुवर्ग में कृष्णथमृग, तेंदुआ, नीलगाय, लोमड़ी, भेडि़या, हिरण, जंगली कुत्ते आदि शामिल हैं तथा तोते, मोर, तीतर आदि पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां यहां पाई जाती हैं।


        वनस्पतियों और जीवों का प्रचुर स्रोत थापली, मोरनी हिल्स, कलेसर, आदिबादरी, चुहारपुर हर्बल पार्क, बनसंतोर आदि जैसे कई पर्यटन स्थल, विविध स्थलाकृति और जंगल हैं जहां आप राज्य में प्रकृति माँ की अभूतपूर्व सौंदर्य और ऐश्वयर्य का आनंद ले सकते हैं। हरियाणा वन विभाग ने उत्कृष्ट प्राकृतिक संसाधनों के रूप में राज्य में पर्यावरण पर्यटन स्थ्ल बनाया है। विभाग द्वारा किए गए प्रयासों से पिछले कुछ महीनों में पर्यटकों के प्रवाह में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है।


        पारिस्थितिकी लॉज, स्विस कुटीर (टेंट) घड़ी टावर, नेचर वाक्स्, हर्बल पार्क, आउटडोर शिविर और कई गतिविधियों के साथ जंगल रिसॉर्ट्स पारिस्थितिकी पर्यटन के माध्यम से पर्यटन उद्योग में हरियाणा का वन विभाग तरक्की कर रहा है।


        विभाग ने इन शानदार स्थलों को बनाया गया है जहां पर्यटक पृथ्वी पर रहने के नए तरीके सीख सकते हैं। पारिस्थितिकी पर्यटन के कार्यक्रम पर्यावरण पर पारंपरिक पर्यटन के नकारात्मक पहलुओं को कम करते हैं तथा स्थानीय लोगों की सांस्कृतिक अखंडता को बढ़ाते हैं।


        विभाग ने पर्यटन के क्षेत्र में पूरी तरह से एक नई पहल की है। कार्यक्रम, पर्यावरण की सांस्कृतिक और प्राकृतिक इतिहास के महत्व को समझते हुए प्राकृतिक क्षेत्रों की यात्रा का संरक्षण कर रहे हैं, पारिस्थितिकी तंत्र की अखंडता में विघ्न न पड़े इसका ख्याल रख रहा है, आर्थिक अवसरों का सृजन करते हुए स्थानीय लोगों के लिए फायदेमंद प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सुरक्षा करता है।


        हरियाणा वन विभाग पारिस्थितिकी पर्यटन को प्रोत्साहित करने और रहने के लिए लॉग झोपड़ियां, पारिस्थितिकी लॉज और प्रकृति प्रेमियों के लिए जंगल रिसॉर्ट्स के निर्माण से पर्यावरण को बचाने के लिए कदम उठा रहा है।


        ये पारिस्थितिकी लॉज, पर्यावरण के अनुकूल फर्नीचर के साथ सुसज्जित किया गया है, छत, पर्दे बांस और प्राकृतिक वनस्पतियों से तैयार की जाती है जो आपको स्थानीय व्यवस्था और परंपराओं नजदीक लाता है।


         थापली   मोरनी  और चुहड़पुर  में टेंट और पेड़ के घर अच्छी तरह से आधुनिक दिनचर्या की सुविधाओं से सुसज्जित हैं। ये आवास उपयोगी जड़ी बूटियों / हर्बल उद्यान, वाटर स्पॉरट से घिरे हुए हैं तथा कार्यशाला व संगोष्ठी आयोजित करने की भी सुविधा है।


        हरियाणा में नेचर कैम्प ( थापली, मोरनी, बानसंतोर, चुहारपुर) आपको समृद्ध और स्वस्थ प्रदूषण मुक्त प्राकृतिक वातावरण का एक संपूर्ण संतोषजनक प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए सक्षम बनाते हैं।


        एक लक्जरी होटल परिवेश के विपरीत पारिस्थितिकी लॉज, टेंट और झोपड़ियां एक ठेठ जंगल वातावरण पर आपका ध्यान केन्द्रित करते हैं और आप प्रकृति की गोद में हैं ऐसा महसूस कराते हैं।


        ये पारिस्थितिकी झोपड़ियां, टेंट, और लॉज आपको एक अद्वितीय और लंबे समय तक मीठा अनुभव महसूस करने के लिए कई अनोखे पेड़ पौधे और पशु पक्षियों के प्राकृतिक दृश्य देते हैं।


        मोरनी हिल्स की प्राकृतिक सुंदरता बेजोड़ है। इस छोटे से हिल स्टेशन में बिखरता इसका प्राकृतिक परिवेश पारिस्थितिकी छुट्टी को अत्यंत सुखद बनाने लायक है।


        इस छोटी सी जगह (यमुनानगर) में पूरे कलेसर का अछूता, निर्मल और यमुना नदी का नवीन सौंदर्य इकट्ठा है, जो पारिस्थितिकी साहस की विविध श्रेणियों से भरे हुए हैं। वनस्पतियों और जीवों के साथ प्रकृति की एक सुखद अनुभूति के लिए नेशनल पार्क का भ्रमण अवश्यु करें। अपने औषधीय पौधों के लिए मशहूर उत्तर भारत में सबसे प्रसिद्ध प्रकृति शिविर हर्बल पार्क चुहारपुर (यमुनानगर) है, जो आगंतुकों को कई पारिस्थितिकीय और मनोरंजक गतिविधियां प्रदान करता है, जैसे वैभव हर्बल पार्क में नेचर वॉक, झील का नौका विहार, योग और प्राकृतिक परिवेश में विभिन्न बैठक।


        बानसंतोर के निर्मल और घने जंगलों में अद्भुत वन्य जीवन भौगोलिक विशेषताओं में से एक है।

जंगल के बीच में पेड़घर पर रहें। प्रकृति की गोद में पवित्र और भरे जंगल में बैठे हुए आप एक सुरम्य दृश्य हो सकते हैं। जंगलों में स्वर्गीय यात्रा का यह अंत नहीं है। वन विभाग हरियाणा का प्रयास अभी भी जारी है तथा कुछ और अधिक मनोरंजक गतिविधियों जैसे इनडोर, आउटडोर खेल, योग और आयुर्वेद केन्द्र आदि की योजना है। भविष्य में योजना और प्रयास इन स्था नों में आने वाले पर्यटकों की रुचि के अनुरूप होगा।

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अंतिम नवीनीकृत:  30/4/2013