लघु चिड़ियाघर
रोहतक चिड़ियाघर
सरकार द्वारा 2001 में पूरे राज्य में फैले हुए अलाभकारी लघु चिड़ियाघरों को बंद करने के बाद, 21/12/2000 को आयोजित हरियाणा राज्य वन्यजीव सलाहकार बोर्ड की 17 वीं बैठक में मुख्यमंत्री, हरियाणा द्वारा रोहतक चिड़ियाघर के विकास पर जोर दिया गया l रोहतक चिड़ियाघर में सार्वजनिक रूप से दिखाने के लिए कुछ आकर्षक पक्षियों और जानवरों को रखा गया है l पक्षियों की कई प्रजातियां समाप्त हो गई हैं तथा आकर्षक पशुओं की संख्या भी कम है, इसलिए इसे उंचे दर्जे का चिड़ियाघर बनाने तथा जनता द्वारा मनोरंजक स्थान के मांग के बाद इसके क्षेत्रफल को 16 एकड़ से बढ़ाकर 44 एकड़ करने का निर्णय लिया गया था l सरकार चिड़ियाघर के विस्तार की सुविधा के लिए 10 जून 2003 को तिलयार पर्यटक परिसर से लगभग 28 एकड़ जमीन वन विभाग को स्थानांतरित कर चुकी है l तदनुसार, चिड़ियाघर की लेआउट योजना तैयार की गई थी तथा इसे स्वीकृति के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, नई दिल्ली के समक्ष, 9 अप्रैल 2004 को प्रस्तुत किया गया था। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने इस लेआउट को 28/03/2005 को स्वीकृति प्रदान कर दी हैं।

रोहतक चिड़ियाघर के स्वीकृत लेआउट /प्लान के अनुसार, घड़ियाल, मगरमच्छ, दरियाई घोड़ा, हिमालयी काला भालू, तेंदुए, बाघ, लोमड़ी, लकड़बग्घा, भेड़िया, सियार, ऊद, बार्किंग हिरन, चिंकारा, काला हिरन, सांभर, लंगूर, सुअर, पूंछ वाला बंदर, अफ्रीकी लंगूर, बड़े बंदरों के लिए आवासीय बाड़ तथा बड़ी मात्रा में देशी और विदेशी पक्षियों के रहने के लिए आवास, बनाए गए हैं। इसके अलावा, चिड़ियाघर परिसर के भीतर उद्यान, छोटी पहाड़ियां, झील, झरने, आगंतुक पगडंडी, रास्ते और सड़क उपलब्ध कराने के लिए भूनिर्माण का कार्य किया जाएगा। आगंतुकों के लिए विश्रामगृह, कैफे, शौचालय, घड़ी टावर, पीने का पानी आदि की व्यवस्था की जाएगी। हिरण प्रजाति के लिए चारा उद्यान बनाया जाएगा। चिड़ियाघर के जानवरों की अच्छी देखभाल के लिए पोस्टएमार्टम कक्ष के साथ पशु चिकित्सा सुविधाओं का विकास किया जाएगा। चिड़ियाघर का प्रवेश द्वार सौंदर्य की दृष्टि से भव्य एवं विशाल होगा।


समीपस्थ जैव विविधता केंद्र गेट हाउस परिसर के साथ विलय हो जाएगा। आगंतुकों के वाहनों के लिए गेट हाउस परिसर के सामने बड़ी खुली जगह में पार्किंग की सुविधा भी प्रदान की जायेगी जिसमें बूथ की सुविधा भी उपलब्धे होगी। छोटी पहाडि़यों का निर्माण इस प्रकार किया जायेगा जिससे आगंतुकों के सामने विभिन्न प्रकार के जानवरों की बाड़ का एक मनोरम दृश्य हो। बाड़, जानवरों को एक प्राकृतिक निवास स्थान प्रदान करने के लिए पर्याप्त रूप से विस्तृत होगें।

चिड़ियाघर में विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। चालू वर्ष के दौरान, तेंदुआ, मगरमच्छ, हिमालयी काला भालू, सियार और भेडि़या के लिए बाड़ बनाये जायेंगे जिसका निर्माण कार्य जल्द् ही शुरू किया जा रहा है। रोहतक चिड़ियाघर के प्रस्तावित विस्तार के लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा 187.00 लाख रूपये का परिव्यहय स्वीकृत किया गया है। वित्तीय सहायता 100% केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से प्राप्तज होगी।

रोहतक चिड़ियाघर का उन्नयन, समीपस्थव तिलयार पर्यटक परिसर के लिए आने वाले दर्शकों के लिए एक अतिरिक्त आकर्षण साबित होगा और इस तरह निश्चित रूप से पर्यटन विभाग को भी बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा।






अंतिम नवीनीकृत:  22/6/2013