हमारे बारे में

हरियाणा में वन इस प्रकार से वर्गीकृत हैं: आरक्षित वन, संरक्षित वन, अवर्गीकृत वन, भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 38 के अंतर्गत बंद क्षेत्र और पंजाब भूमि संरंक्षण अधिनियम 1980 की धारा 4 एवं 5 के अंतर्गत बंद क्षेत्रl आरक्षित वन का खंड मुख्यत रूप से शिवालिक क्षेत्र के पंचकुला और यमुनानगर जिले में सीमित है l आरक्षित वनों के छोटे छोटे खंड यमुनानगर, कैथल, अम्बाला, जीन्द और हिसार जिले के कई स्थानों में स्थित हैं l राज्य के अधिकांश जंगल उष्णकटिबंधीय (शुष्क पर्णपाती श्रेणी) के हैं l जबकि कांटेदार जंगल राज्य के दक्षिणी भाग में अरावली पहाड़ियों में स्थित हैं l चीड़ वन पंचकूला जिले में मोरनी हिल्स के संरक्षित वन में ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित हैं, जबकि यमुनानगर जिले के शिवालिक के आरक्षित वनों में साल वनों की बहुतायत हैl


राज्य में वन संसाधनों के सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा सरकार ने 2006 में अपनी खुद की वन नीति बनाई है l नीति में चरणबद्ध तरीके से राज्य में 20% वन और वृक्ष आवरण प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया गया है l यह लक्ष्य वानिकी के द्वारा प्राप्त किया जा सकता है l हम उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि भूमि पर कृषि वानिकी के तहत आनुवंशिक रूप से बेहतर पौध का उपयोग कर रहे हैं l वास्तव में कृषि वानिकी, एक राष्ट्रीय जनादेश और एक जन आंदोलन बन जाना चाहिए, क्योंकि यह देश की पारिस्थिति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबसे किफायती, टिकाऊ और स्थिर विकल्प है l वर्ष 2012-2013 तक वन विभाग ने किसानों को लगभग 2.5 करोड़ लाख पौधे नि:शुल्क वितरित किये l वन विभाग द्वारा कराये गए कृषि वानिकी के अन्तर्गत कराये गये कार्यो को सर्वश्रेष्ठ कार्यो के रूप मे मूल्यांकन होने के फलस्वरूप यह कार्य देश मे अनुसरण योग्य पाये गये हैं1 यह एक आय अर्जन गतिविधि के रूप मे किसानों द्वारा अपनाई गई है और देश के बाकी हिस्सो मे अनुकरण के योग्य, ग्रामीण विकास के एक माडल के रूप मे इस्तेमाल किया जा सकता है l निजी भूमि और उनके बाद पारगमन से पेड़ो की कटाई पर अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगाने की नीति के कारण किसानो की एक बड़ी संख्या मे पेड़ लगाने के लिए एक अच्छा वातावरण बना है। कृषि वानिकी और लकड़ी आधारित उद्योगों के पनपने और उनके लगातार विकास के लिए वातावरण बनाने के लिए यह प्रयास किया गया हैl


कृषि वानिकी और फार्म वानिकी को बहुत महत्व दिया गया है। नतीजतन, राज्य के वृक्ष आवरण में पिछले कुछ वर्षों में काफी वृद्धि हुई है। दरअसल, दर्ज वन क्षेत्र के बाहर वृक्ष आवरण राज्य के वन क्षेत्र के लगभग बराबर है। राज्य का दर्ज वन क्षेत्र भौगोलिक क्षेत्र का सिर्फ 3.90% है, भारतीय वन सर्वेक्षण द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट, 2011, के अनुसार राज्य का कुल वन और वृक्ष आवरण 6.80% हो गया है। पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों के कृषि क्षेत्रों में पोपलर के पेड़ का वृक्षारोपण वृक्ष आवरण मे बहुत अधिक है। केंद्रीय और दक्षिण हरियाणा के कृषि क्षेत्रों में वन और वृक्ष आवरण के एक बड़े हिस्से में यूकेलिप्टस, शीशम, किकर, जाल और जाण्ड के पेड़ों का वृक्षारोपण करने का विचार किया गया है। वन विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार राज्य में कुल वन क्षेत्र नीचे तालिका में दिया गया है: -


हरियाणा के वन क्षेत्र (हेक्टेयर)
क्रमांक वन का प्रकार क्षेत्रफल (हेक्टेयर)
1 आरक्षित वन 24913.70
2 संरक्षित वन  
  (अ) सघन 34931.08
  (ब) धारी 81209.44
  कुल संरक्षित वन 116140.52
3 अवर्ग वन 979.94
4 आइएफए 1927 की धारा 38 के तहत क्षेत्रफल 1160.68
5  पी एल पी ए / 1900 की धारा 4 और 5 के तहत वर्गीकृत वनक्षेत्रप तहत वर्गीकृत वनक्षेत्रप 29682.23
6 अन्य 3001.06
  कुल वन क्षेत्रफल 175879

रेलवे लाइनों के किनारे वृक्षारोपण
नहरों के किनारे वृक्षारोपण
राजमार्ग के किनारे वृक्षारोपण

        हरियाणा में नियमित वन के अंतर्गत क्षेत्रफल को विस्तार देने के लिए बहुत कम गुंजाइश है। हरियाणा वन विभाग (एच एफ डी) कृषि वानिकी, कृषि वन निर्माण और वृक्ष आवरण बढ़ाने के लिए बंजर भूमि का वनीकरण को बढ़ावा देने पर काफी जोर दे रहा है।

        हरियाणा में वन्य जीव प्रबंधन का विशेष महत्व है क्योंकि यहां पशुवर्ग और पक्षिवृन्द की विशाल विविधता है। राज्य का 33000 हेक्टेयर क्षेत्र संरक्षित एरिया नेटवर्क के तहत है, जिसमें 2 राष्ट्रीय पार्क, 8 वन्यजीव अभयारण्य और 2 संरक्षण रिज़र्व हैं। 500 से अधिक प्रजातियों के पक्षी राज्य में दर्ज किये गये हैं, जो देश के कुल पक्षी प्रजातियों का लगभग 40 प्रतिशत हैं। राज्य में, पक्षी देखने वालों के लिए स्वर्ग अत्यन्त रमणीय स्थल बनने की प्रचुर संभावनाएं विहित किये हुये है, विशेष रूप से सर्दियों के दौरान। सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान दिल्ली से लगभग 55 किमी दूर स्थित है, पहले से ही पक्षी प्रेमियों के लिए सर्वोत्तम स्थान है।
अंतिम नवीनीकृत 25/6/2013