हर्बल नेचर पार्क

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हर्बल नेचर पार्क चुहारपुर

हर्बल नेचर पार्क यमुनानगर जिले में भूड़ कलन रोड पर खिजराबाद के पास चुहारपुर आरक्षित वन में स्थित है l यह यमुनानगर से लगभग 35 कि.मी., देहरादून से 80 कि.मी., चंडीगढ़ से 130 कि.मी. और नई दिल्ली से 255 कि.मी. की दूरी पर स्थित है l चुहारपुर आरक्षित वन का क्षेत्र सागौन, खैर, सिंबल, शीशम आदि पेड़ के मध्यम घनत्व के साथ 184 एकड़ में फैला हुआ है l यह हर्बल नेचर पार्क भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वंर्गीय देवीलाल चौधरी को समर्पित है l इस पार्क का उद्घाटन हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चोटाला के द्वारा 6 नवंबर 2001 को किया गया l

उद्देश्य

इस हर्बल पार्क को विकसित करने के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं –

  1. अध्ययन और अनुसंधान के लिए हरियाणा के औषधीय पौधों का संरक्षण l
  2. संरक्षण और प्रचार प्रयोजनों के लिए स्वदेशी और विदेशी प्रजातियों के पौधों के एक जीन पूल का विकास करना l
  3. स्थानीय लोगों द्वारा क्षेत्र में खेती को लोकप्रिय बनाने और भारतीय औषधीय और सुगंधित पौधों का उपयोग l
  4. स्थायी औषधीय पौध संसाधन आधार की स्थापना l
  5. भारतीय आयुर्वेदिक प्रणाली को लोकप्रिय बनाने में मदद करने के लिए हरियाणा में पर्यटकों के आकर्षण के लिए एक केंद्र का विकास l

मुख्य - मुख्य बातें

 

  1. वर्तमान में पार्क को 160 एकड़ जमीन में विकसित किया गया है, लेकिन भविष्य में इसे धीरे - धीरे 184 एकड़ तक बढ़ाया जा सकता है l
  2. यह पार्क औषधीय पेड़, जड़ी बूटी, झाड़ियों और लताओं के 350 से अधिक प्रजातियों का आश्रयगृह है l
  3. आर्थिक रूप से व्यवहार्य औषधीय प्रजातियों के खेती को लोकप्रिय बनाने हेतु किसानों के लिए प्रशिक्षण की सुविधाएं l
  4. किसानों को वितरण के लिए गुणवत्ता युक्त बीज और पौध उत्पादन l
  5. कृषि वानिकी मॉडल में परिचय के लिए नए औषधीय प्रजातियों का परीक्षण l
  6. नकदी फसलों के रूप में महत्वपूर्ण औषधीय पौधों की खेती की तकनीक के लिए प्रोटोकॉल का विकास l
  7. भंडारण की स्थिति का मानकीकरण l
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प्रारंभिक चरण के प्रयास में औषधीय पौधों के संरक्षण के लिए हरियाणा में धन खर्च किया गया है l बाद के चरण में महत्वपूर्ण विदेशी और दुर्लभ पौधों की भी खरीद की जाएगी और पार्क में संरक्षित की जायेंगीl यमुना नगर न केवल हरियाणा में बल्कि पूरे देश में कृषि वानिकी के लिए जाना जाता है l किसान अपनी आय को बढ़ावा देने के लिए पापुलर के साथ हल्दी की फसल लगा रहे हैं l इस पार्क में विभिन्न औषधीय पौधों के लिए कृषि वानिकी मॉडल विकसित करने हेतु एक विशेष घ्यान दिया गया है ताकि किसान उनकी खेती को अपनाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकें l

औषधीय प्रजाति लगाए गए

300 से अधिक प्रजातियों के औषधीय पेड़, जड़ी बूटी, झाड़ियां, फर्न लताएं और जलीय पौधों को 75 एकड़ भूमि में लगाए गए हैं l पार्क में उगाई गई कुछ हैं महत्वपूर्ण पौधे हैं अश्वगंधा, सर्पगंधा, वाच, ब्राह्मी, चित्रक, सफेद मूसली, शतावरी, ईसबगोल, तुलसी, पीपली, मकोय, ग्वावरपाठा, हरड़, बहेड़ा, आंवला, बेल, रूद्राक्ष, कालीहाड़ी, पथरचुर, नींबू घास, मुलैठी, जटरोफा, पाल्मारोजा और हल्दी l

पार्क के मुख्य घटक

1. भूनिर्माण और पैदल रास्ता

भूनिर्माण ऐसे पार्कों के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण विचार है l घुमावदार रास्ते और सौंदर्य की दृष्टि से बनायी गयीं हर्बल क्यारियां इस पार्क की सुंदरता में चार चॉंद लगाते हैं l

भूनिर्माण निम्नलिखित विचार पर आधारित है: -

  1. स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री के प्रयोग से कम लागत l
  2. प्राकृतिक वन परिवेश के साथ मिश्रण करने के लिए सुखदायक रचना l
  3. योजना में सामंजस्य और सम्बध्दता के लिए फेंग शुई मॉडल का अभिग्रहण l
  4. जल निकायों और घुमावदार रास्ते की उपस्थिति l
  5. सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक और अनेक प्रकार के पर्यटकों को आकर्षित करना l
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2. प्रदर्शनात्मक हर्बल गार्डन

औषधीय हर्बल वृक्षारोपण परिपक्व पेड़ों के नीचे और वृक्षारोपण के साथ किया गया है l अब तक लाखों जड़ी बूटियां-झाड़ियां औषधीय पेड़ पौधों के साथ में लगायी जा चुकी है l चूंकि पार्क एक बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है, इसलिए पर्यटकों की सुविधा के लिए, प्रवेश द्वार के पास एक प्रदर्शनात्मक हर्बल गार्डन बनाया गया है, जो पार्क में सौंदर्य की दृष्टि से बनाये गये हर्बल क्यारियों पर विभिन्न औषधीय पौधों की कुल उपलब्ध किस्मों में से 200 से अधिक किस्मों को प्रदर्शित करता है, यह पर्यटकों के लिए बैठेने और चलने का स्थान भी प्रदान करता है l प्रत्येक पौधे का विवरण एवं उसका उपयोग भी नाम प्लेट के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है l यह पार्क में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण है l

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3. सिंचाई प्रणाली

चूंकि पार्क का क्षेत्र काफी बड़ा है, पौधों के लिए मजदूरो के द्वारा सिंचाई बेहद महंगी थी l इसलिए ड्रिप, स्प्रिंकलर और रैन गन की नवीनतम सिंचाई व्यवस्था इस उद्देश्य के लिए अपनायी गयी है l बागवानी विभाग ने ऐसी प्रणालियों में से कुछ पर सब्सिडी प्रदान की है l

4. बाड़

एक 7.5 किलोमीटर लंबी और 7 फुट ऊंची श्रृंखला कड़ी बाड़, जंगली जानवरों के द्वारा चरने से, हर्बल नेचर पार्क के पौधों की रक्षा के लिए बनाया गया है l

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5. पॉली हाउस

500 मीटर पर एक पाली हाउस पहले से ही बागवानी विभाग से 50% सब्सिडी के साथ स्थापित किया जा चुका है l पाली हाउस रोपण सामग्री तैयार करने, प्रचार के लिए औषधीय पौध संसाधन आधार स्थापित करने तथा किसानों को वितरण में मदद कर रहा है l

6. ग्रीन हाउस

500 M2 पर एक ग्रीन हाउस पार्क में स्थापित किया गया है l यह वृक्षारोपण के पहले तरूण कोमल पौधों के दृढ़ीकरण में सहायता कर रहा है l

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7. बांस झोपड़ी / सूचना केंद्र

बांस की एक छोटी सी झोपड़ी पार्क में पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केन्द्र के रूप में सेवा देने के लिए बनायी गयी है l बांस निर्माण सामग्री के रूप में पसंद किया गया है क्योंकि यह आसपास के परिवेश के साथ अच्छे से मिल जाता है l किसान प्रशिक्षण शिविरों का नियमित रूप से यहां आयोजित किया गया है l

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8. झील

एक झील ग्रीन हाउस के समानांतर खोदा जा चुका है जो पश्चिमी यमुना नहर से भरा गया है l कुछ पक्षियों को बच्चों के आकर्षण के लिए खुला छोड़ दिया गया है l कुछ प्रवासी पक्षी भी सर्दियों के दौरान यहां आते हैं l

9. बच्चों के लिए पार्क

इस पार्क की यात्रा करने के लिए अधिक से अधिक बच्चों को आकर्षित करने के लिए, , एक छोटा बच्चों का पार्क उनके मनोरंजन के लिए झील द्वीप पर विकसित किया गया है l बच्चों को बहुमूल्य औषधीय पौधों की झलक देकर उन्हें शिक्षित करना हमारा संजोया हुआ लक्ष्य है ताकि वे बचपन से ही उनके संरक्षण और प्रसार के महत्व को जानें l